Pagalpanti love shayari, खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूं है वजह

 Love Shayari

तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे सिवा कोई नहीं मुझे चाहने वाला, पगली छोड़ कर तो देख, मौत तैयार खड़ी हैं मुझे अपने सीने से लगाने के लिए...
चाहत है या दिल्लगी या यूं ही मन भरमाया है, याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।
खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूं है वजह बता दो, देर हो गई याद करने में जरूर, लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो...
तेरी वफाओं का समंदर किसी और के लिए होगा, हम तो तेरे साहिल से रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं...
धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है, ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है, तेरी सूरत न दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता, हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।
न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता, जो गुस्से में कहा तुमने वही हंस के कहा होता...
कभी दोस्ती कहेंगे कभी बेरुखी कहेंगे, जो मिलेगा कोई तुझ सा उसे ज़िन्दगी कहेंगे, तेरा देखना है जादू तेरी गुफ़्तगू है खुशबू, जो तेरी तरह चमके उसे रोशनी कहेंगे।
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से, खामोशी से मांगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।
चुराकर दिल मेरा वो बेखबर से बैठे हैं,
मिलाते नहीं नजर हमसे अब शरमाये बैठे हैं,
देख कर हमको छुपा लेते हैं चेहरा आंचल में,
अब घबरा रहे हैं कि वो क्या कर बैठे हैं।
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू जिंदगी का एक अहम हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रुह से रुह तक का रिश्ता है मेरा...!!

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